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उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में गोरखपुर,
बाबा गोरखनाथ के नाम से सुविख्यात अनेक पुरातात्विक, अध्यात्मिक,
सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों को समेटे हुए है।
मुंशी प्रेमचन्द की कर्मस्थली व फिराक
गोरखपुरी की जन्मस्थली के रुप मे गोरखपुर, पूर्वांचल के गौरव का प्रतीक है।
तीर्थाकर महावीर, करुणावतार गौतम बुद्ध,
संत कवि कबीरदास एवं गुरु गोरक्षनाथ ने जनपद के गौरव को राष्ट्रीय व
अन्तराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्थापित किया ।
अमर शहीद पं0 राम प्रसाद बिस्मिल, बन्धु
सिंह व चौरीचौरा आन्दोलन के शहीदों की शहादत स्थली गोरखपुर रही है ।
हस्तकला ‘टैराकोटा’ के लिए प्रसिद्ध व
आधुनिक गोरखपुर का वर्तमान स्वरुप, मूलभूत सुविधा सम्पन्न, पर्यटकों को
आकर्षित करता है। विगत वर्षों से गोरखपुर जनपद विकास के पथ पर अग्रसर है । |